तेरी निरपंखी माया की, कनी उड़ान भरीन मिन। Ruhan Bhardwaj Song Lyrics
तेरी निरपंखी माया की, कनी उड़ान भरीन मिन।
मेरा जरा हैंस्या खेल्यां कू, क्या इनाम दियाली तिन।
हाथ्योंन ( हाथों ) लगौंदी बणांग ( आग ), खुट्यौंन ( पैर ) बुझौंदी।
यू रूप भी देख्याली तेरू।
तेरा यूं छदमौं दगडी, भाग जरा सी जुडयूं छौ मेरू।
ए लठ्याली ( बेचारी ) तेरी खट्टी माया का, कनी सवाद ( स्वाद ) चखीन ( चखना ) मिन ( मैंने )।
तेरी निरपंखी............
भूली गे ( भूल गई ) तू मोलू
डाली ( मोल का पेड ),
जख छौं उठनू बैठणू तेरू मेरे।
( जहां तेरा मेरा उठना बैठना )
मंदिरों मा सौं करार ( कसमें ),
घंडलियौं ( घण्टी ) कू बजौंणू ( बजाना ) तेरू मेरू।
ए लठ्याली तेरी खट्टी माया का,
कनी सवाद चखीन मिन।
हे पापी रे ई मनखी ( इन्सान ) चोला ( वेश ) कू,
कनू निलाम करयाली तिन।
मेरा जरा हैंस्या खेल्यां कू,
क्या ईनाम दियाली तिन।
Hindi - तेरे बिन पंखों के प्यार की,
मैंने कैसी उड़ान भरी है।
मेरे थोडे से हंसी मजाक का,
तूने क्या इनाम दे दिया।
हाथों से आग लगाती है,
और खुद पैरों से बुझाती है।
तेरा ये रूप भी मैंने देख लिया।
तेरे इन नखरों के साथ,
मेरा थोड़ा सा भाग जुडा है।
हे बेचारी तेरी इस खट्टी सी माया के, कैसे कैसे स्वाद मैनें चखे हैं।
तेरी निरपंखी.....
भूल गई तू मोल का पेड़,
जहाँ तू और मैं बैठा करते थे।
तेरी मेरी मंदिरों में ली हुई कसमें,
और तेरा मेरा साथ में घण्टियौं का बजाना।
हे बेचारी तेरी मेरी खट्टी......
हे पापी, इस इन्सान वेश का कैसा मिलाप तूने किया है।
मेरे तेरे हंसी मजाक का,
तूने क्या इनाम दिया है
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